होली नं0 - 20 (सिर चन्दन की कोर झलक रहीहीरा चमक रही मस्तक में)

होली नं0 - 20

1 - सिर चन्दन की कोर झलक रही
हीरा चमक रही मस्तक में 

2-जल में कमल कमल में ब्रह्मा , 
चारों भुज दिगपाल झलक रही - हीरा

3 - सिर में मुकुट कानों में कुण्डल , 
 गल बैजन्ती माल झलक रही . हीरा 

4 - यमुना के तट पर धेनु चुगावै , 
हाथ में मुरली बास झलक रही - हीरा 

5 - हाथ में मुरली कमर में लकुटिया , 
सिर घुगूराले बाल झलक रही - हीरा 

6 - शाम सबेरे धेनु दुहावे , 
दही माखन के थाल झलक रही 
हीरा चमक रही मस्तक में । 

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