होली नं0 - 33 (कठिन शंकर चाप कैसे तौडत है , सुन्दर कोमल गात ये दोनो भाई है)

होली नं0 - 33 

1-कठिन शंकर चाप कैसे तौडत है , 
सुन्दर कोमल गात ये दोनो भाई है 

2-जनक राजा ने यज्ञ रचो है , 
सीता स्वयंवर होय कैसे - तोडत हैं । 

3 - देश ही देश के भू पति आये , 
शिव धनु तोड़न आये कैसे - तोड़त हैं 

4 - तिल भर चाप उठे ना भू से , 
राजा सब सरमाय कैसे - तोड़त हैं 

5 मुनिवर वेश में राम लछिमन , 
जनक राजा घर आये कैसे - तोड़त हैं । 

6-कर पकड़त शिव चाप उठाये , 
तोड़ धनुष को गिराय - कैसे 

7-श्यामल गौर किशोर को देखा , 
सीता जी माला छ जाय कैसे - तोड़त हैं

8-सीता स्वयंवर राम से कीन्हा , 
घर में मंगल सजाय कैसे तोडत है ।
सुन्दर कोमल गात ये दो भाई है ।

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