होली नं0 - 34 (धरती जो बनी है अमर कोई धरती जो बनी है अमर कोई)

होली नं0 - 34 

1- धरती जो बनी है अमर कोई 
धरती जो बनी है अमर कोई

2-नौ लख तारे गगन विराजै ,
सूरजा चले चन्दा दोई - धरती

3 - नौ लाख गंगा भू में विराजे , 
यमुना बहै गंगा दोई - धरती 

4-नौ लख योद्धा जग में विराजै 
राम भये लछिमन दोई - धरती 

5-नौ लख देवी जग में विराजै , 
काली भई लक्ष्मी दोई - धरती 

6-नौ लख तपस्वी जग में विराजै ,
 ध्रुव भये श्रवणा दोई - धरती 

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